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  1. Aug 26, 2023 · Rajaji National Park is an Indian national park and tiger reserve spread over three districts of Uttarakhand: Haridwar, Dehradun and Pauri Garhwal. It is situated along the hills and foothills of the Shiwalik ranges and represent the Shiwalik ecosystem.

  2. Recently, a Supreme Court-appointed committee has questioned relaxations given for the upgrade of a 4.7-km road (Laldhang-Chillarkhal road) in the buffer zone of Rajaji Tiger Reserve and sought replies from the Centre and Uttarakhand government.

  3. Oct 31, 2023 · Rajaji Tiger Reserve (earlier Rajaji National Park) is located in the Shivalik range of the Himalayas and spread over 820 kms. It covers a part of over three districts of Uttarakhand: Haridwar, Dehradun, and Pauri Garhwal.

    • चर्चा में क्यों?
    • प्रमुख बिंदु
    • नोडल निकाय
    • भारत में बाघों की अनुमानित संख्या
    • चौथी बाघ जनगणना 2018 का महत्त्व
    • बाघ संरक्षण के लिये भारत सरकार के कानूनी उपाय
    • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण
    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972

    6 मई को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal- NGT) ने उत्तराखंड में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील राजाजी टाइगर रिज़र्व (Rajaji Tiger Reserve) में वाणिज्यिक वाहनों के उपयोग के लिये बनाई जा रही सड़क के कथित अवैध निर्माण पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रदान करने हेतु समिति का गठन किया है।

    हाल ही में एन.जी..टी. के समक्ष प्रस्तुत एक याचिका में यह कहा गया कि किसी प्रकार की वैधानिक मंज़ूरी और अपेक्षित सुरक्षा उपायों के बिना ही बाघ आरक्षित क्षेत्र/टाइगर रिज़र्व में सड़क का निर्माण किया जा...
    1 मार्च, 2017 को उत्तराखंड सरकार ने जैव-विविधता समृद्ध इस क्षेत्र पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर विचार किये बिना वाणिज्यिक वाहनों के लिये टाइगर रिज़र्व में लालढांग-चिलरखाल (Laldang-Chillarkhal)...
    इस याचिका में उठाया गया मुद्दा राजाजी टाइगर रिज़र्व, उत्तराखंड के लालढांग- चिल्लरखाल बफर क्षेत्र की जैव-विविधता और जैविक संसाधनों के संरक्षण के लिये एक्स-सीटू संरक्षण और इन-सीटू संरक्षण विधियों से स...
    यही कारण है इस मामले पर विचार करने से पहले संयुक्त समिति से एक तथ्यात्मक रिपोर्ट लेना आवश्यक है, ताकि सही निर्णय लिया जा सके।

    एन.टी.सी.ए. (National Tiger Conservation Authority-NTCA) इसके अनुपालन और समन्वय के लिये नोडल एजेंसी होगी।

    राष्ट्रीय स्तर पर हर चार वर्ष बाद आधुनिक तरीकों से बाघों की गिनती की जाती है।
    पहली बार वर्ष 2006 में गिनती की गई, उसके बाद वर्ष 2010 और वर्ष 2014 में।
    वर्ष 2014 की जनगणना के अनुसार, भारत में बाघों की संख्या बढ़कर 2226 (वर्ष 2010 में 1706 की तुलना में) हो गई है।
    वर्तमान में अखिल भारतीय बाघ अनुमान 2018 (All India Tiger Estimation) इसका चौथा चक्र है जिसके वर्ष 2019 में जारी रहने की संभावना है।
    वर्ष 2018 की बाघ जनगणना के तहत जानकारियों को संग्रहीत करने के लिये पहली बार "MSTrIPES" नामक एक मोबाइल एप का उपयोग किया जा रहा है।
    बाघ जनगणना 2018 का एक अन्य महत्त्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके अंतर्गत पूर्वोत्तर भारत को भी शामिल किया जा रहा है, जबकि पिछली जनगणना में ऐसा नहीं था।
    पहली बार भारत सहित तीन पड़ोसी देशों-भूटान, नेपाल और बांग्लादेश (भारत के साथ सीमा साझा करने वाले वे देश, जहाँ से बाघों के सीमा पार कर देश में आने की सूचना मिलती रहती है) बाघों की संख्या की गिनती करन...
    वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में संशोधन किया गया ताकि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और बाघ एवं अन्य लुप्तप्राय प्रजाति अपराध नियंत्रण ब्यूरो (वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो) का गठन किया जा सके।
    बाघ आरक्षित वन क्षेत्र या बाघों की अधिक संख्या वाले क्षेत्र से संबंधित अपराधों के मामले में सज़ा बढ़ाई है।
    राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है।
    वर्ष 2006 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों में संशोधन कर बाघ संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना की गई। प्राधिकरण की पहली बैठक नवंबर 2006 में हुई थी।
    भारत सरकार ने देश के वन्य जीवन की रक्षा करने और प्रभावी ढंग से अवैध शिकार, तस्करी एवं वन्य जीवन तथा उनके व्युत्पन्न के अवैध व्यापार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972...
    इसका विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य के अलावा संपूर्ण भारत में है।
    इस अधिनियम में जनवरी 2003 में संशोधन किया गया तथा इस कानून के तहत अपराधों के लिये दी जाने वाली सज़ा और ज़ुर्माने को पहले की तुलना में अधिक कठोर बना दिया गया।
    इसका उद्देश्य सूचीबद्ध लुप्तप्राय वनस्पतियों और जीवों तथा पर्यावरण की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करना है।
  4. Oct 31, 2023 · Rajaji Tiger Reserve (earlier Rajaji National Park) is located in the Shivalik range of the Himalayas and spread over 820 kms. It covers a part of over three districts of Uttarakhand: Haridwar, Dehradun, and Pauri Garhwal.

  5. Nov 1, 2023 · Rajaji Tiger Reserve (earlier Rajaji National Park) is located in the Shivalik range of the Himalayas and spread over 820 kms. It covers a part of over three districts of Uttarakhand: Haridwar, Dehradun, and Pauri Garhwal. It was named after the famous freedom fighter Rajgopalachari, popularly known as “Rajaji”. The park was created in 1983 ...

  6. People also ask

  7. Dec 5, 2022 · Rajaji national park which is also a tiger reserve, is located in shiwaliks, near the foothills of the Himalayas. It is spread over 3 districts of the state of Uttarakhand. It has been named after Rajagopalachari ( Rajaji ), a prominent leader of the Freedom Struggle. It is the 2 nd tiger reserve in the state after Jim Corbett tiger reserve.